अगर आप शारीरिक या मानसिक रूप से कमजोर हैं तो आपको विकलांग प्रमाण पत्र बनाना चाहिए। इस प्रमाण पत्र को बनाने के बाद आपको कई तरह के फायदे मिलते हैं। मैं आपको इस लेख के माध्यम से बताऊँगा कि Viklang Praman Patra कैसे अप्लाई किया जाता है?

विकलांग प्रमाण पत्र
ये प्रमाण पत्र स्वास्थ्य निगम द्वारा उन लोगों को जारी किया जाता है, जो जन्म से या किसी कारणवश दुर्घटना में विकलांग या अपाहिज हो गए हैं। विकलांग सर्टिफिकेट एक आधिकारिक सरकारी दस्तावेज़ है जो किसी व्यक्ति की विकलांगता की पुष्टि करता है। इस प्रमाण पत्र के जरिए विकलांग व्यक्ति वित्तीय सहायता, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और रोजगार जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करते हैं।
Viklang Praman Patra के प्रकार
- ब्लू कार्ड: जब किसी व्यक्ति की विकलांगता 80% या उससे ज़्यादा हो, तो उसे ब्लू कार्ड जारी किया जाता है।
- श्वेत कार्ड: अगर किसी व्यक्ति की विकलांगता 40% से कम हो, तो उसे श्वेत कार्ड जारी किया जाता है।
- पीला कार्ड: 40% से लेकर 79% तक की विकलांगता की सिथति में व्यकित को पीला कार्ड जारी किया जाता है।
किन बीमारियों के लिए विकलांग सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है?
21 बीमारियों के लिए आवेदक को इस प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ेगी –
- वाक् एवं भाषा विकलांगता (Speech and Language disability)
- मानसिक बीमारी (Mental Illness)
- सिकेल सेल रोग (Sickle Cell disease)
- दृष्टिहीनता (Blindness)
- श्रवण विकार/दोष Hearing Impairment (deaf and hard of hearing)
- तेज़ाब हमले से प्रभावित व्यक्ति (Acid Attack victims)
- पार्किंसंस रोग (Parkinson’s disease)
- बौनापन (Dwarfism)
- बौद्धिक विकलांगता (Intellectual Disability)
- निम्न-दृष्टि / अल्प दृष्टि (Low-vision)
- कुष्ठ रोग से मुक्त व्यक्ति (Leprosy Cured persons)
- बहु-विकलांगता (Multiple Disabilities including deaf-blindness)
- चलन-सम्बंधी विकलांगता (Locomotor Disability)
- सेरिब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy)
- मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (Muscular Dystrophy)
- थैलेसीमिया (Thalassemia)
- हीमोफ़ीलिया (Hemophilia)
- ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (Autism Spectrum Disorder)
- स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी (Specific Learning Disabilities)
- मल्टीपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis)
- पुरानी तंत्रिका सम्बन्धी स्थितियाँ (Chronic Neurological conditions)
विकलांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज फ़ोटो
- पता प्रमाण
- चिकित्सा से जुड़े दस्तावेज़
- विकलांगता प्रमाण पत्र (अगर पहले से है)
Disabled Certificate के फायदे
- सरकारी नौकरियों में आरक्षण
- छात्रवृत्ति लाभ
- चिकित्सा सहायता
- व्यवसाय के लिए ऋण
- रेल किराए में छूट
- आयकर में छूट
- विकलांगता पेंशन
- सरकारी योजनाओं में लाभ
- सहायक उपकरण पर सब्सिडी
- सरकारी परिवहन में निःशुल्क यात्रा
कैसे बनाएं Viklang Praman Patra?
विकलांगता प्रमाण पत्र को अप्लाई करने के बारे में सारी जानकारी आप नीचे स्टेप बाय स्टेप के जरिए जान सकते हैं –
STEP – I ऑनलाइन आवेदन
- सबसे पहले आपको UDID की वेबसाइट पर जाना है।

- उसके बाद आपको Apply For UDID के ऑपशन पर क्लिक करना है।

- अब अगले पेज में आपको Instruction पढ़नी है और Submit पर क्लिक करना है।

- फिर आपके सामने कई विकल्प नजर आएंगे। यहाँ पर आपको किसी एक का चुनाव करना है और Submit कर देना है।
- इसके बाद अगले पेज में UDID Registration Form ओपन होगा।

- आपको इस फॉर्म में मांगी जाने वाली जानकारी ध्यानपूर्वक दर्ज करनी है।
- उसके बाद आपसे जो दस्तावेज अपलोड करने के लिए मांगे गए हैं वो आपको Upload करने हैं।
- इसके बाद आपको अस्पताल का नाम चुनना है और Capcha Code भरना है।
- फिर आपको I hereby declare that all particulars … के बॉक्स में टिक करना है।
- सारी जानकारी भरने के बाद आपको Submit बटन पर क्लिक कर देना है।
- इस तरह से विकलांग प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया जाएगा।
STEP – II ऑफलाइन आवेदन
- आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- उसके बाद आप UDID Application Form Download करें।

- अब आप इस फॉर्म का Print Out लें।
- इसके बाद आप फॉर्म में जानकारी को भरना शुरू करें।
- फार्म के साथ Important Documents अटैच करें।
- फिर आप ये फॉर्म चिकित्सा बोर्ड में जमा करवाएं।
- इस प्रोसेस को करके आप ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
STEP – III एप्लीकेशन स्टेटस कैसे देखें
- आप UDID की वेबसाइट पर जाएं।

- इसके बाद आप Track Your Application के बटन पर क्लिक करें।

- अब अगले पेज में आप UDID Number, Mobile Number, Enrollment Number, Aadhaar Number में से किसी एक को सलेक्ट करें।
- उसके बाद आप Submit बटन पर क्लिक करें।
- सबमिट बटन पर क्लिक करने के बाद एप्लीकेशन स्टेटस की जानकारी अगले पेज में खुल जाएगी।
अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
इस विषय में आपसे इस तरह के प्रश्न पूछे जा सकते हैं –
विकलांग प्रमाण पत्र कौन जारी करता है?
विकलांगता प्रमाण पत्र सरकारी अस्पतालों में नियुक्त मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किया जाता है। यह बोर्ड व्यक्ति की विकलांगता की जांच और मूल्यांकन करता है और फिर विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करता है।
Disability Certificate कितने दिन में बनकर आता है?
इस प्रमाण पत्र को बनाने के लिए कम से कम 7 से 30 दिन का समय लग सकता है।
विकलांग सर्टिफिकेट कितने परसेंट पर बनता है?
40% या इससे अधिक विकलांगता वाले व्यक्तियों का ये प्रमाण पत्र बनाया जाता है।
UDID Helpline नंबर क्या है?
आवेदक अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं – 91-11-2436 5019
” आशा है आपको पूरे विस्तार से ये जानकारी मिल गई होगी कि विकलांग प्रमाण पत्र कैसे बनाया जाता है। अगर आप Viklang हैं तो आपको ये प्रमाण पत्र जरूर अप्लाई करना चाहिए ताकि आपको सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।”
