दिल्ली सरकार ने रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी लाने के लिए Mukhyamantri Kaushal Vikas Scheme की शुरुआत की है। इस स्कीम के जरिए असंगठित क्षेत्र के कारीगरों को सशक्त बनाकर उनकी आय में वृद्धि लाई जाएगी। कैसे मिलेगा इस योजना का फायदा और पंजीकरण कैसे होगा उसके लिए आप ये लेख पूरा पढ़ें।

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना
खादी, हैंडलूम, कुटीर उद्योगों और असंगठित क्षेत्र से जुड़े कारीगरों को आधुनिक प्रशिक्षण और डिजिटल बाजार से जोड़ने के लिए दिल्ली सरकार ने कौशल विकास योजना को शुरू किया है। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को व्यवसाय या बिजनेस शुरू करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है और प्रशिक्षण के दौरान हर लाभार्थी को आर्थिक मदद भी पहुंचाई जाती है। यह योजना उन कारीगरों के लिए खासतौर पर फायदेमंद होगी, जो अपने हुनर के दम पर काम करते हैं लेकिन संसाधनों और बाजार की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते। Kaushal Vikas Yojana कौशल, प्रौद्योगिकी और वित्तीय सशक्तिकरण को एकीकृत करके खादी, हथकरघा और ग्रामोद्योग क्षेत्र को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का एक हिस्सा है। जिससे स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लाभार्थियों की आमदनी बढ़ेगी।
SCHEME INFORMATION
कार्यान्वयन और लक्ष्य
इस योजना को Delhi Khadi and Village Industries Board (DKVIB) के माध्यम से लागू किया गया है। जिसके तहत 2025-26 में 3,728 कारीगरों को प्रशिक्षण देने के लिए ₹8.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और 2026-27 के लिए ₹57.50 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
योजना के उद्देश्य
- कौशल का आधुनिकीकरण
- बेरोजगारी कम करना
- डिजिटल सशक्तिकरण
- उद्यमिता को बढ़ावा देना
- फ्री स्किल ट्रेनिंग उपलब्ध कराना
- इंडस्ट्री से जुड़ा प्रशिक्षण
- सर्टिफिकेट प्रदान करना
- स्वरोजगार को बढ़ावा देना
फायदे (Benefits)
- वित्तीय मदद (स्टाइपेंड) पहुंचना : इस योजना के जरिए प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक लाभार्थी को ₹4,800 का स्टाइपेंड (₹400 प्रतिदिन) प्रदान किया जाएगा।
- निःशुल्क टूलकिट प्रदान करना : प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कारीगरों को उनके काम से संबंधित मुफ्त आधुनिक टूलकिट (जैसे पैरों से चलने वाली सिलाई मशीन) प्रदान की जाएगी।
- भोजन भत्ता : प्रशिक्षण ले रहे लाभार्थी को प्रत्येक दिन के लिए 100 रूपए का अतिरिक्त भोजन भत्ता भी दिया जाएगा।
- डिजिटल बाजार तक पहुंच: कारीगरों के उत्पादों को ONDC (Open Network for Digital Commerce) प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध किया जाएगा। उनके उत्पादों का ‘ई-कैटलॉग’ बनाया जाएगा ताकि वे अपने सामान को वैश्विक बाजारों में आसानी से बेच सकें।
- व्यवसाय का विस्तार करना : लाभार्थियों को 12 दिन (96 घंटे) का आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें 2 दिन का उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) शामिल होगा, ताकि वे खुद का व्यवसाय बेहतर ढंग से चला सकें।
- प्रमाण पत्र प्रदान करना : पारंपरिक कौशल को Recognition of Prior Learning (RPL) के तहत प्रमाणित किया जाएगा और लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी दिए जाएंगे।
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- आवेदक को दिल्ली का निवासी होना चाहिए।
- यह योजना विशेष रूप से खादी, हैंडलूम, कुटीर उद्योगों और असंगठित क्षेत्र से जुड़े कारीगरों के लिए है।
- आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- एक परिवार से केवल एक ही सदस्य इस योजना का लाभ उठा सकता है।
- जो लोग सरकारी नौकरी में हैं या उनके परिवार के सदस्य हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
जरूरी दस्तावेज (Required Documents)
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- ई-श्रम कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- पासपोर्ट साइज फ़ोटो
- मोबाइल नंबर
कैसे करें Delhi Mukhyamantri Kaushal Vikas Yojana के लिए पंजीकरण?
- सबसे पहले आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- इसके बाद होम पेज में आप “Mukhyamantri Kaushal Vikas Yojana” के लिंक पर क्लिक करें।
- अब अगले पेज में रजिस्ट्रेशन फॉर्म ओपन होगा।
- इस फॉर्म में आपको मांगी जाने वाली सारी जानकारी ध्यान से दर्ज करनी है।
- फिर आपको जरूरी दस्तावेजों को अपलोड करना है।
- अंत में आप सबमिट के बटन पर क्लिक कर दें।
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निष्कर्ष
इस आर्टिकल के जरिए आपको कौशल विकास योजना के बारे में सारी जानकारी विस्तार से मिल गई होगी। इसके साथ ही मैनें आपको ये भी बता दिया है कि Mukhyamantri Kaushal Vikas Yojana के लिए Registration कैसे की जाती है।
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