भारत सरकार ने नारियल की खेती और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए “Coconut Protsahan Scheme” की शुरुआत की है। इस स्कीम के जरिए नारियल उत्पादक राज्यों में उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार लाया जाएगा। कैसे प्राप्त करें इस स्कीम का फायदा और पंजीकरण कैसे करें उसके लिए आपको ये लेख पूरा पढ़ना होगा।

नारियल प्रोत्साहन योजना
नारियल आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए भारत सरकार ने “नारियल प्रोत्साहन योजना” को शुरू किया है। इस योजना के अंतर्गत नए नारियल बाग लगाने पर किसानों को लगभग ₹56,000 प्रति हेक्टेयर तक सब्सिडी दी जाएगी और एक पौधे पर लगभग ₹45 तक सरकारी सब्सिडी लाभार्थी की मिलेगी। यह लाभ न्यूनतम 0.10 हेक्टेयर से अधिकतम 4 हेक्टेयर तक की भूमि वाले किसानों को मिलेगा। यह प्रोत्साहन खासकर नारियल उत्पादन को बढ़ावा देने वाले क्षेत्रों में दिया जाएगा। किसानों को कम लागत में नारियल के नए पौधे लगाने का अवसर मिलेगा। जिससे उपज बढ़ने से किसानों की आमदनी बेहतर होगी।
स्कीम परिचय
किन राज्यों में शुरू होगी ये योजना
- केरल
- कर्नाटक
- तमिलनाडु
- आंध्र प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
- ओडिशा
- बिहार
- असम
- त्रिपुरा
- मिजोरम
- नागालैंड
- महाराष्ट्र
- गुजरात
- गोवा
- छत्तीसगढ
- अंडमान और निकोबार द्वीप समू
- लक्षद्वीप
- पुडुचेरी
- बिहार
उद्देश्य (Objective)
- नारियल उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना
- किसानों की आय में वृद्धि लाना
- नारियल की वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना
- पुराने और कम उत्पादन वाले बागानों का पुनरुद्धार करना
- नारियल आधारित उद्योग और रोजगार को प्रोत्साहन देना
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फायदे (Benefits)
- नए नारियल पौधे लगाने पर सब्सिडी : नई नारियल बागवानी के लिए किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही लाभार्थियों को प्रति पौधा / प्रति हेक्टेयर सब्सिडी भी मिलेगी।
- पुराने नारियल पेड़ों का पुनरुद्धार : कम उत्पादन या बूढ़े पेड़ों को हटाकर नए पौधे लगाने में मदद मिलेगी। जिससे उत्पादन बढ़ाने में सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।
- सिंचाई सुविधा में सहायता : ड्रिप इरिगेशन और जल संरक्षण के लिए अनुदान लाभार्थोंयों को मिलेगा। जिससे पानी की बचत के साथ बेहतर उत्पादन होगा।
- आधुनिक खेती की तकनीक का लाभ: लाभार्थियों को वैज्ञानिक तरीके से खेती के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें उन्नत किस्मों के पौधे भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।
- नारियल आधारित उद्योग को बढ़ावा : इस योजना से कोकोनट ऑयल, कोयर, नारियल पानी, पाउडर आदि यूनिट्स के लिए सहायता लाभार्थियों को मिलेगी। जिससे MSME और स्टार्टअप को आर्थिक सहयोग प्राप्त होगा।
- किसानों की आय में वृद्धि : किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, जिससे उनकी बाजार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।
- समूहों को विशेष लाभ : SHG, FPO और सहकारी समितियों को अतिरिक्त सहायता मिलेगी। इससे सामूहिक खेती और मार्केटिंग को बढ़ावा मिलेगा।
- DBT के माध्यम से सीधा भुगतान: सब्सिडी राशि किसान के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
- पर्यावरण और रोजगार का लाभ : इस योजना से हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए-नए अवसर पैदा हो सकेंगे।
पात्रता-मानदंड (Eligibility)
- आवेदक को देश का नागरिक होना चाहिए।
- लाभार्थी किसान होना चाहिए।
- आवेदक के पास नारियल के बागान या नई रोपाई के लिए जमीन उपलब्ध होनी चाहिए।
- आवेदनकर्ता को अपने घर के आसपास, बारी या खेत में पौधे लगाने का इच्छुक होना चाहिए।
- निजी क्षेत्र, गैर-सरकारी संगठन (NGO), सामुदायिक आधारित संगठन, या सहकारी समितियों को योजना के तहत प्राथमिकता दी जाएगी।
जरूरी दस्तावेज (Important Documents)
- पहचान और पते का प्रमाण
- भूमि संबंधी दस्तावेज
- बैंक विवरण
- पासपोर्ट आकार के फोटो।
- स्व-सत्यापित आवेदन पत्र
- नारियल रेशा कारीगर होने का प्रमाण (कारीगरों के लिए)
- चार्टर्ड इंजीनियर द्वारा प्रमाणित कार्यशाला के निर्माण की योजना और अनुमान (उद्यमियों के लिए)
- फर्म के पंजीकरण का प्रमाण (फर्मों के लिए)
Coconut Protsahan Yojana के लिए केस करें आवेदन?
इस योजना का फायदा आप ऑनलाइन या ऑफ़लाइन मोड के द्वारा प्राप्त कर सकेंगे –
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
- सबसे पहले आपको CDB के सर्विस पोर्टल पर जाना है।
- अगर आप नए उपयोगकर्ता हैं, तो अपना मोबाइल नंबर और ईमेल का उपयोग करके पंजीकरण करें।
- इसके बाद आपको यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा। आपको इसकी मदद से पोर्टल पर लॉगिन करना है।
- लॉगिन के बाद आपको ‘Area Expansion’ या ‘Replanting and Rejuvenation’ जैसी विशिष्ट योजना का चुनाव करना है।
- अब आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल जाएगा।
- इस फॉर्म में आपको अपनी भूमि का विवरण, बैंक खाता और आधार नंबर दर्ज करना है।
- उसके बाद आपको मांगे गए दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करने हैं और सबमिट बटन पर क्लिक कर देना है।
ऑफलाइन आवेदन
- आप अपने जिले के बागवानी विभाग या नारियल विकास बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पर जाएं।
- वहाँ से आप Coconut Protsahan Yojana का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- अब आप इस फॉर्म में सारी जानकारी ध्यान से दर्ज करें और मांगे जाने वाले जरूरी दस्तावेजों को फॉर्म के साथ अटैच करें।
- उसके बाद आप इस फॉर्म को संबधित विभाग में जाकर जमा करवा दें।
QUICK LINKS
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निष्कर्ष
इस आर्टिकल के जरिए आपको नारियल प्रोत्साहन योजना के बारे में सारी जानकारी विस्तार से मिल गई होगी। इसके साथ ही मैनें आपको ये भी बता दिया है कि Coconut Protsahan Yojana के लिए Registration कैसे की जाती है।
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