बिहार सरकार ने किसानों की आमदनी में सुधार लाने के लिए “Chai Vikas Scheme” की शुरुआत की है। इस स्कीम के जरिए चाय की खेती करने पर किसानों को अधिकतम 90% तक की सब्सिडी दी जाती है। आज हम आपको इस लेख के द्वारा चाय विकास स्कीम के बारे में विस्तार से बताएंगे।

चाय विकास योजना
किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहार सरकार ने चाय विकास योजना को शुरू किया है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को चाय की खेती करने पर 50 से 90% तक की सब्सिडी दी जाएगी। सब्सिडी का 75 फीसदी पैसा पहली किस्त के रूप में जारी किया जाएगा। बाकी 25 फीसदी राशि लाभार्थीयों को तब दी जाएगी, जब ये सुनिश्चित हो जाएगा कि लगाए गए पौधों में से कम से कम 90 फीसदी जीवित हैं। इस योजना का लाभ पाकर किसानों को चाय के उत्पादन मे सहायता मिलेगी और उनकी आमदनी में भी सुधार आएगा।
Scheme Information
योजना का नाम किसके द्वारा शुरू की गई बिहार सरकार द्वारा लाभार्थी किसान स्कीम के जरिए मिलने वाला फायदा चाय की खेती करने पर सब्सिडी प्रदान करना आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/
कितनी मिलेगी सब्सिडी
इस योजना के माध्यम से प्रति हेक्टेयर में चाय उत्पादन की लागत 4.94 लाख रुपये तय की गई है। जिस पर किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से 2.47 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। एक किसान कम से कम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम 4 हेक्टेयर में सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। किसानों को ये सब्सिडी बागवानी मशीनों, जैसे कि छंटाई मशीनें, यांत्रिक हार्वेस्टर, प्लकिंग शियर्स आदि खरीदने के लिए मिलेगी।
इन बागवानी यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी
- प्रूनिंग मशीन: चाय की झाड़ियों की छंटाई में इस्तेमाल की जाने वाली इस मशीन पर किसानों को लागत का 50% या अधिकतम ₹60,000/- तक का अनुदान दिया जाएगा।
- मैकेनिकल हार्वेस्टर: ये चाय की पत्तियां तोड़ने के लिए स्वचालित मशीन है। इस पर लागत का 50% या अधिकतम ₹50,000/- तक का अनुदान किसानों को मिलेगा।
- प्लकिंग शियर्स: ये चाय की पत्तियां तोड़ने के लिए हाथ में इस्तेमाल होने वाली कैंची मशीन है। इस पर लागत का 50% या प्रति शियर अधिकतम ₹1,100/- तक का अनुदान किसानों को मिलता है।
- पत्ता गाड़ी वाहन: ये एक चाय की तोड़ी गई पत्तियों को इकट्ठा करने और ढोने के लिए इस्तेमाल होने वाला वाहन है। इस पर लागत का 50% या अधिकतम ₹7,50,000/- तक का अनुदान मिलता है।
- पत्ती संग्रहण शेड: ये एक चाय की पत्तियों को एकत्र करने के लिए बनाया गया शेड है। इस पर लागत का 50% या अधिकतम ₹37,500/- तक का अनुदान किसानों को मिलता है।
इस योजना के लिए पात्र जिले
यह योजना मुख्य रूप से उन जिलों पर केंद्रित है जहां पर चाय की खेती की संभावना अधिक है। ये जिलें हैं –
- किशनगंज
- अररिया
- सुपौल
- पूर्णिया
- कटिहार
योजना का उद्देश्य (Objective)
- चाय उद्योग का विस्तार करना।
- किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी लाना
- राज्य में रोजगार के अवसर पैदा करना
- किसानों को चाय की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना।
फायदे (Benefits)
- आर्थिक मदद: किसानों को चाय बागान लगाने के लिए प्रति हेक्टेयर ₹2.47 लाख तक की सब्सिडी के रूप में आर्थिक मदद प्रदान दी जाएगी। यह आर्थिक मदद 75:25 लागत-साझाकरण मॉडल पर दो किस्तों में मिलेगी।
- मशीनरी की खरीद पर मिलेगी सब्सिडी: किसानों को चाय उत्पादन के लिए बागवानी यंत्रों, जैसे कि प्रूनिंग मशीन, मैकेनिकल हार्वेस्टर और प्लकिंग शियर्स की खरीद पर 50% तक की सब्सिडी दी जाएगी।
- किसान की आय में बढ़ोतरी – चाय की खेती करने से किसानों की आय में सुधार आएगा। इस योजना से किसानों को चाय की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेगें।
- तकनीकी मदद और प्रशिक्षण: किसानों को चाय की खेती के लिए नई तकनीक के साथ-साथ प्रशिक्षण भी दिया जाता है। जिससे किसान चाय की खेती करना सीख सकेंगे।
- रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी लाना – इस योजना से चाय के बागानों के विस्तार और संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा जिससे किसानों और उनके परिवारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- चाय उद्योग का होगा विस्तार – इस योजना से बिहार के चयनित जिलों (किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया और कटिहार) में चाय के उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
- कृषि विविधीकरण को बढ़ावा: इस योजना से राज्य में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
पात्रता-मानदंड (Eligibility)
- आवेदक को बिहार राज्य का निवासी होना चाहिए।
- लाभार्थी किसान होना चाहिए।
- आवेदक के पास चाय की खेती के लिए कम से कम 0.1 हेक्टेयर भूमि होनी चाहिए।
जरूरी दस्तावेज (Important Documents)
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर
- आय प्रमाण पत्र
- स्थानीय प्रमाण पत्र
- खेती से संबंधित दस्तावेज
- बैंक खाता पासबुक
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- मोबाइल नंबर
How to Apply Chai Vikas Yojana 2026
- आपको सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

- उसके बाद आपको Schemes के सेक्शन में जाना है।
- यहाँ पर आपको चाय विकास योजना का ऑपशन दिखाई देगा। आपको इस ऑपशन पर क्लिक करना है।

- अब अगले पेज में आपको योजना से संबंधित सभी दिशा-निर्देश को ध्यान से पढ़ना है। उसके बाद आपको “मै ऊपर दिए गये जानकारी से सहमत हूँ तथा योजना का लाभ लेने हेतु दिए गये शर्तों का पालन करूँगा/करुँगी” वाले बॉक्स पर टिक करना है और Agree and Continue के बटन पर क्लिक करना है।

- फिर अगले पेज में आपको आवेदन का प्रकार चुनना है और किसान का DBT पंजीकरण संख्या दर्ज करनी है।
- इस प्रोसेस के बाद आपको विवरण प्राप्त करें के ऑपशन पर क्लिक करना है।
- फिर आपको नए पेज में Apply के बटन पर क्लिक करना है।
- इसके बाद आवेदन फॉर्म ओपन हो जाएगा।
- आपको इस फॉर्म में सारी जानकारी ध्यान से दर्ज करनी है और मांगे जाने वाले जरूरी दस्तावेज अपलोड करने हैं।
- फिर आपको अंत में Submit के बटन पर क्लिक कर देना है।
Important Links
Official Website Apply Online Latest Schemes
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निष्कर्ष
किसानों के लिए बिहार सरकार ने लॉन्च की है चाय विकास योजना। इस योजना के जरिए किसानों को चाय की खेती करने पर सब्सिडी दी जाती है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान चाय की खेती करने के लिए प्रोत्साहित हो सकें।
