हिमाचल प्रदेश सरकार ने बेसहारा गायों के लिए Gopal Scheme” की शुरुआत की है। इस स्कीम के जरिए आवारा गौवंश पालने के लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। अगर आप भी इस योजना का फायदा लेना चाहते हैं तो उसके लिए आपको ये लेख अंत तक पढ़ना होगा।

HP Gopal Yojana
वेसहारा गायों को संरक्षण देने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने गोपाल योजना को शुरू किया है। इस योजना के अंतर्गत सड़कों में घूमने वाले बेसहारा गौवंश को रहने का ठिकाना प्रदान करवाया जाएगा और इस योजना का लाभ लेने वाले व्यक्ति को गौ सेवा के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी प्रदान होंगे। सरकार सड़कों में घुमने वाले गायों की देखभाल के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है। जिससे प्रदेश में इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को प्रेरित किया जा सकेगा और आवारा गायों को रहने की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
Scheme Information
योजना किसके द्वारा शुरू की गई हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लाभार्थी राज्य के नागरिक फायदा सड़कों में घूमने वाले बेसहारा गौवंश को रहने का ठिकाना प्रदान करने के लिए सहायता राशि प्रदान करना आवेदन प्रोसेस ऑफलाइन आधिकारिक वेबसाइट https://www.hpagrisnet.gov.in/hpagris/AnimalHusbandry
सहायता राशि विवरण
इस योजना के लिए हर महीने सरकार प्रति गौवंश के लिए 1200 रुपए का अनुदान प्रदान करेगी। गौसेवा आयोग निजी क्षेत्र में स्थापित किए जाने वाले नए गौसदनों के लिए सरकार द्वारा 10 लाख रूपये और गौ सदनों के विस्तार के लिए 5 लाख रूपये की सहायता अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी। गौ सदनों के विस्तारीकरण के लिए हिमाचल प्रदेश गौसेवा आयोग ने अभी तक 40,04,65,523 की धनराशि जारी की है।
इन जिलों में बनेंगे गौ-सदन
हिमाचल के कांगड़ा, हमीरपुर और ऊना जिलों में नए गौ-सदन स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है।प्रदेश में कुल 260 गौसदन हैं। 15 गौसदन सरकारी और 245 गौसदन निजी क्षेत्र में कार्यशील हैं। इसमें वर्तमान में 21,300 बेसहारा गौवंश को आश्रय दिया गया है। सरकार का प्रयास है कि जिन जिलों में आवारा गायों की संख्या अधिक है वहाँ पर गौ-सदन स्थापित किए जाएं ताकि प्रदेश को बेसहारा गौवंश मुक्त बनाया जा सके और सड़कों में इनकी वजह से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
गौसेवा आयोग का किया गया गठन
बेसहारा गौवंश की समस्या के समाधान के लिए हिमाचल प्रदेश गौवंश संरक्षण तथा संवर्धन अधिनियम, 2018 के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग का गठन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य गौसदनी में रखे गए बेसहारा गौवंश का संरक्षण/ संवर्धन प्रदान करना है।
पशुओं को आवारा छोड़ने पर लगेगा जुर्माना
हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत गौजातीय पशुओं के मालिक ग्राम पंचायत में अपने पशुओं का पंजीकरण करवाने के लिए जिम्मेवार होंगे। ऐसे में पंजीकरण करने के बाद अगर कोई पशुपालक गायों को आवारा छोड़ता है तो उस पर 700 रुपए जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।
पात्रता – मानदंड (Eligibility)
- आवेदक को हिमाचल प्रदेश राज्य का नागरिक होना चाहिए।
- ऐसे सभी लोग योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे जो आवारा घुमने वाली आवारा गायों को रहने का स्थान उपलब्ध करवाएंगे।
जरूरी कागजात (Important Documents)
- पहचान प्रमाण पत्र
- स्थायी पता
- बैंक खाता विवरण
- मोबाइल नंबर
उद्देश्य (Objective)
हिमाचल में बेसहारा गायों को संरक्षण प्रदान करके प्रदेश में रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी लाना है।
लाभ (Benefits)
- सड़कों में घूमने वाले बेसहारा गौवंश को रहने का ठिकाना मिलेगा।
- इस योजना से बेसहारा गायों का भरण-पोषण अच्छे से हो सकेगा।
- आवारा गायों को गौ सदन में लाने वाले व्यकित को सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
- लोगों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
- जो लोग गायों को आवारा छोड़ देते हैं उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
कैसे करें Himachal Gopal Yojana 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन?
- सबसे पहले आप आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।
- इसके बाद आप Download सेक्शन में जाएं।
- यहाँ पर आपको Gopal Yojana का लिंक दिखाई देगा।
- आपको इस लिंक पर क्लिक करना है।
- उसके बाद योजना का आवेदन फॉर्म PDF मे ओपन होगा।
- अब आपको ये फॉर्म ध्यानपूर्वक दर्ज करना है और जरूरी दस्तावेज फॉर्म के साथ अटैच करने हैं।
- फिर आपको ये फॉर्म संबंधित विभाग में जाकर जमा करवा देना है।
- इसके बाद आपके फॉर्म का सत्यापन किया जाएगा।
- उसके बाद आपके बैंक खाते में योजना की राशि जमा कर दी जाएगी।
Important Links
Official Website Apply Offline Latest Schemes
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निष्कर्ष
“आवारा गायों के कल्याण के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने लॉन्च की है गोपाल योजना। इस योजना का मकसद बेसहारा गौवंश को गौ-सदनों में आश्रय प्रदान करके उनके भरण-पोषण के लिए सहायता प्रदान करना है। ”
