बिहार सरकार ने पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए “Pashu Shed Scheme” की शुरुआत की है। इस स्कीम के जरिए पशुओं के लिए शेड बनाने पर सरकर द्वारा आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको पशु शेड स्कीम के बारे में विस्तार से बताएंगे।
बिहार पशु शेड योजना
ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों की आमदनी में सुधार लाने के लिए बिहार सरकार ने पशु शेड योजना को शुरू किया है। इस योजना के अंतर्गत पशु शेड बनाने के लिए पशुओं की संख्या के आधार पर अधिकतम 160,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना खासतौर पर उन किसानों के लिए है, जो अपनी जमीन पर पालतू पशुओं की देखभाल के लिए बेहतर शेड बनाना चाहते हैं। सरकार द्वारा तय की गई यह राशि शेड निर्माण, फर्श बिछाने और यूरिनल टैंक जैसे अन्य सहायक ढांचों के इस्तेमाल के लिए की जा सकती है। इससे न केवल पशुओं को सहारा मिलेगा, बल्कि उनके स्वास्थ्य और उत्पादकता में भी सुधार आएगा।
स्कीम परिचय
योजना किसने लॉन्च की बिहार सरकार ने किसके लिए पालतू पशुओं की देखभाल करने वाले स्कीम के जरिए मिलने वाला फायदा पशु शेड बनाने पर आर्थिक सहायता प्रदान करना आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन आधिकारिक वेबसाइट https://nrega.dord.gov.in/MGNREGA_new/Nrega_home.aspx
पशु शेड के अंतर्गत मिलने वाली राशि
इस योजना के जरिए पशुओं की संख्या के आधार पर लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी –
पशुओं की संख्या अनुदान राशि 3 पशु 75,000 से 80,000 रुपए 4 पशु 116,000 रूपए 6 या इससे अधिक पशु 160,000 रुपए
किन पशुओं को मिलेगा योजना के अंतर्गत लाभ
- गाय
- भैंस
- बकरी
- मुर्गी
पशु शेड योजना के लिए पात्रता
- आवेदक को बिहार राज्य से ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अनुसूचित जाति/जनजाति, बीपीएल कार्ड धारक, और आवास योजना के लाभार्थी इस स्कीम का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे।
- किसान, पशुपालक और बेरोजगार युवा नागरिक भी योजना का लाभ ले सकते हैं।
- लाभार्थी के पास पालतू पशु होने चाहिए।
- पशु शेड बनाने के लिए आवेदक के पास खुद की जमीन होनी चाहिए।
- आवेदक का नाम ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में शामिल होना चाहिए।
Required Documents
- आधार कार्ड या राशन कार्ड
- बीपीएल प्रमाण पत्र (यदि लागू तो)
- पशु स्वामित्व का प्रमाण (यदि उपलब्ध हो)
- भूमि संबंधी दस्तावेज (शेड निर्माण के लिए)
- बैंक खाता विवरण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- MGNREGA जॉब कार्ड
- मोबाइल नंबर
पशु शेड योजना के फायदे
- इस योजना से पशुओं को रहने के लिए स्थायी आवास मिलेगा।
- सरकार पशु शेड बनाने के लिए 75000 से 160,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
- इस स्कीम का फायदा लेने के लिए आवेदक के पास कम से कम 3 पशु होने चाहिए।
- लाभार्थी को पशुओं की संख्या के आधार पर सरकार द्वारा अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
- इस योजना से पशुपालकों और किसानों की आमदनी में सुधार आएगा।
- राज्य के बेरोजगार नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर बढेंगे।
- प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा।
Bihar Pashu Shed Yojana 2025 के लिए कैसे करें आवेदन?
- सबसे पहले आप अपने ग्राम पंचायत के मुखिया, सरपंच, या वार्ड सदस्य के पास जाएं और पशु शेड योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- आप ये फॉर्म को nrega.nic.in की वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं।
- फॉर्म मिलने के बाद आप इसमें सभी आवश्यक जानकारी, जैसे नाम, पशुओं की संख्या, और बैंक विवरण और मोबाइल नंबर अच्छ से भरें।
- उसके बाद आप मांगे जाने वाले जरूरी दस्तावेजों को फॉर्म के साथ संलग्न करें।
- अब आप इस फॉर्म को अपने जिले के MGNREGA कार्यालय में जमा करवा दें।
- इसके बाद आपके आवेदन का सत्यापन किया जाएगा। फिर पात्रता की पुष्टि होने पर अनुदान राशि आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
- इस तरह से आप पशु शेड योजना का फायदा प्राप्त कर पाएंगे।
Important Links
Official Website Apply Offline Latest Schems
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अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
इस विषय में आपसे इस तरह के प्रश्न पूछे जा सकते हैं –
पशु शेड योजना क्या है?
ये योजना बिहार सरकार ने शुरू की है। इस योजना के माध्यम से राज्य में पशुओं की देखभाल करने वाले नागरिकों को सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है ताकि पशुओं को रहने का उचित स्थान मिल सके।
पशु शेड के लिए कितनी मिलेगी अनुदान राशि?
पशुओं की संख्या के आधार पर सरकार द्वारा शेड निर्माण के लिए अधिकतम 160,000 रुपए की अनुदान राशि प्रदान की जाती है।
Bihar Pashu Shed योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
इसके लिए आपको ऑफलाइन पंजीकरण फॉर्म भरकर आवेदन करना होगा।
निष्कर्ष
“पशुपालन में बढ़ोतरी लाने के लिए बिहार सरकार ने पशु शेड योजना को लॉन्च किया है। जिसके जरिए पशुओं को रहने की व्यवस्था की जाती है और पशुओं की देखभाल करने वाले नागरिकों की आय में सुधार आता है। जिससे राज्य में बेरोजगारी दर में कमी आएगी और पशु शेड में पालतू पशुओं की देखभाल अच्छे से होगी।”