हिमाचल सरकार ने वन आवरण को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी लाने के लिए Rajiv Gandhi Van Samvardhan Scheme की शुरुआत की गई है। इस स्कीम के जरिए पौधे रोपने पर समहों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। आज इस लेख के जरिए हम बात करेंगे कि कैसे मिलेगा इस योजना का फायदा और रजिस्ट्रेशन कैसे किया जाएगा?

राजीव गांधी वन संवर्द्धन योजना
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जी ने हमीरपुर से राजीव गांधी वन संवर्धन योजना शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत बंजर और क्षतिग्रस्त वन भूमि पर फलदार वृक्ष लगाकर राज्य की हरित आच्छादन को बढ़ाना जाएगा, साथ ही महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से रोजगार सृजन और जनभागीदारी को सुनिश्चित किया जाएगा। इस योजना के लिए ग्राम पंचायतों और युवा मंडलों को एक से पांच हेक्टेयर जमीन पर पेड़ लगाने के लिए सहायता दी जाएगी।
Scheme Information
योजना का नाम | |
शुरू की गई | मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जी द्वारा |
लाभार्थी | राज्य के नागरिक |
मिलने वाला फायदा | वृक्षारोपण के लिए प्रति हेक्टेयर प्रत्येक समहू को 1.20 लाख रुपए की सहायता प्रदान करना |
आवेदन प्रक्रिया | ऑफ़लाइन |
ऑफिशियल वेबसाइट | https://hpforest.gov.in/forest |
उद्देश्य (Objective)
क्षतिग्रस्त या बंजर वन भूमि पर फलदार पौधे लगाना है, जिससे पर्यावरण को लाभ मिलेगा और लोगों को फल उत्पादन के जरिए आर्थिक मदद मिलेगी। इससे राज्य में आजीविका और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
प्रत्येक समूह को मिलेगी 1.20 लाख रुपये की सहायता
योजना के जरिए प्रति हेक्टेयर वृक्षारोपण पर प्रत्येक समूह को 1.20 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी। अगर भूमि एक हेक्टेयर से कम है, तो सहायता आनुपातिक रूप से मिलेगी। पौधों के जीवित रहने की दर के आधार पर 1.20 लाख रुपये अतिरिक्त प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि दिए जाने का भी प्रावधान है।
इन प्रजातियों के रोपे जाएंगे पौधे
पौधे लगाने के लिए कुछ खास प्रजातियों को ही चुना गया है। ये प्रजातियाँ हैं –
- बान,
- ब्यूल जैसे स्थानीय पेड़
- फल देने वाले पौधे जैसे अनारदाना,
- कचनार
- बुरांश
समुदाय की भूमिका
महिला मंडल और स्वयं सहायता समूह (SHGs) के द्वारा इस योजना के लिए 5 वर्षों तक उनकी देखभाल की जाएगी। इससे वृक्षों की दीर्घकालिक जीवंतता सुनिश्चित होगी और सामुदायिक सहभागिता को मजबूती मिलेगी।
निजी भागीदारी
इस योजना के लिए अंबुजा, अडानी फाउंडेशन, और अल्ट्राटेक जैसी कंपनियां शामिल होंगी। इसके अलावा NGO संगठनों को भी वन क्षेत्र अपनाने के लिए आमंत्रित किया गया है।
शामिल गतिविधियां
राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के लिए महिला मंडलों, युवक मंडलों, स्वयं सहायता समूहों और अन्य पंजीकृत सामुदायिक समूहों को वनीकरण गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। जिससे समुदाय आधारित दृष्टिकोण से वनों के संरक्षण और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
योजना के लिए पात्रता-मानदंड
- आवेदक को हिमाचल प्रदेश राज्य का नागरिक होना चाहिए।
- महिला मंडल, युवक मंडल, स्वयं सहायता समूह (SHGs) योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे।
- लाभार्थी के पास पौधे रोपने के लिए पर्याप्त जमीन होनी चाहिए।
आवेदन करने के लिए दस्तावेज
- पहचान प्रमाण पत्र (आधार कार्ड, वोटर कार्ड)
- स्थायी पता
- जमीन से जुड़े दस्तावेज
- बैंक डिटेल्स
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
फायदे (Benefits)
- क्षतिग्रस्त या बंजर वन भूमि पर फलदार पौधे रोपें जाएंगे।
- योजना के तहत विभिन्न प्रकार के पेड़ लगाए जाएंगे जिससे पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ पहुंचेगा।
- सरकार प्रति हेक्टेयर वृक्षारोपण पर प्रत्येक समूह को 1.20 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करेगी।
- यह योजना राज्य में पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये की लागत से लागू की जाएगी।
- राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- लोगों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
Rajiv Gandhi Van Samvardhan Yojana Registration
- आवेदक को सबसे पहले अपने नजदीकी वन रक्षक या क्षेत्रीय वन अधिकारी के पास जाना है।
- उसके बाद आपको वहाँ से “Rajiv Gandhi Van Samvardhan Yojana” का आवेदन फॉर्म प्राप्त करना है।
- अब आपको इस फॉर्म में नाम, पता, बैंक डिटेल्स, मोबाइल नंबर और जमीन से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी।
- इसके बाद आपको आवश्यक दस्तावेजों की फोटोकॉपी फॉर्म के साथ अटैच करनी है।
- फिर आपको ये फॉर्म जमा करवा देना है।
- फॉर्म जमा करवाने के बाद वन विभाग के कर्मचारी गांव में आकर आपकी जमीन का निरीक्षण करेंगे।
- वे देखेंगे कि जमीन पौधरोपण के लिए सही है या नहीं, वहां कितने पौधे लगाए जा सकते हैं और किस प्रकार के पौधे लगाए जाएंगे।
- अगर सवकुछ सही होता है तो आपको योजना के अंतर्गत सहायता राशि प्रदान की जाएगी और आप अपनी जमीन पर फलदार पौधे लगा सकेंगे।
Important Links
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अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
इस विषय में आपसे इस तरह के प्रश्न पूछे जा सकते हैं –
राजीव गांधी वन संवर्धन योजना का फायदा किसे मिलेगा?
महिला मंडल, युवक मंडल, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को इस स्कीम का फायदा मिलेगा।
इस योजना के लिए कितने रुपए खर्च किए गए हैं?
यह योजना राज्य में पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे होगा?
इसके लिए आपको नजदीकी वन रक्षक या क्षेत्रीय वन अधिकारी के पास जाकर योजना के लिए आवेदन करना होगा।
निष्कर्ष
“पर्यावरण में सुधार लाने और रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी लाने के लिए हिमाचल प्रदेश में राजीव गांधी वन संवर्धन योजना शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य बंजर और क्षतिग्रस्त वन भूमि पर फलदार वृक्ष लगाकर राज्य की हरित आच्छादन को बढ़ाना है।”
