देश के युवाओं को रोजगार के लिए सहायता प्रदान करने के लिए मोदी सरकार ने रोजगार लिंक्ड प्रोत्साहन योजना (ELI) की शुरुआत की है। इस योजना के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलेगा। आज इस लेख के माध्यम से हम बात करेंगे कि ELI Scheme क्या है और इस स्कीम के लिए आवेदन कैसे किया जाता है?

रोजगार लिंक्ड प्रोत्साहन योजना (ELI)
प्रधानमंत्री मोदी जी की अध्यक्षता में Employment Linked Incentive (ELI) Scheme (रोजगार लिंक्ड प्रोत्साहन योजना) को मंजूरी दी गई है। इस योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों और कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी लाने के लिए सरकार 1.92 करोड़ युवाओं को एक महीने की सैलरी अपनी ओर से प्रदान करेगी। ELI योजना पीएम मोदी के 5 योजनाओं के उस पैकेज का हिस्सा है जिसके तहत कुल 4.1 करोड़ युवाओं को रोजगार, कौशल विकास व अन्य सुविधाएं मिलेगी।
ELI स्कीम का फोक्स
इस योजना को दो भागों में बांटा गया है। पहला- पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी (Employees) और दूसरा- नियोक्ताओं (Employers) ।
1.) पहला-पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी
EPFO के साथ रजिस्टर्ड पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को 1 महीने का EPF वेतन 15,000 रुपये तक 2 किस्तों में दिया जाएगा। यह कर्मचारियों की सैलरी से अलग सहायता राशि होगी। आवेदक को पहली किस्त 6 महीने की सर्विस के पूरे होने पर और दूसरी किस्त 12 महीने की सर्विस पूरे होने पर प्रदान की जाएगी।
2.) नियोक्ता
Employment Linked Incentive योजना के तहत नियोक्ता यानी कंपनियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, ताकि देश में ज्यादा से ज्यादा नौकरियां पैदा करने में मदद मिल सके। नियोक्ता को 1 लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के आधार पर प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार कंपनियों को कम से कम 6 महीने तक निरंतर रोजगार वाले हर अतिरिक्त कर्मचारी के लिए 2 साल तक 3000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन प्रदान करेगी।
कंपनी को मिलने वाला पैसा (कैलकुलेशन के आधार पर)
कंपनी को भी केंद्र सरकार की तरफ से 1 लाख रुपये तक की सैलरी वाले प्रत्येक कर्मचारी के हिसाब से 3000 रुपये दिए जाएंगे। जिन कर्मचारियों की सैलरी 10,000 रुपये या इससे कम होगी, उनके लिए अनुपात के हिसाब से कंपनी को पैसा दिया जाएगा।
कर्मचारी का EPF स्लैब | कंपनी को फायदा (हर महीने प्रति कर्मचारी) |
10,000 रुपये तक | 1000 रुपये तक |
10,000-20,000 रुपये | 2000 रुपये |
20,000-1,00,000 रुपये | 3000 रुपये |
योजना का उद्देश्य
कम्पनियों और कर्मचारियों को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करना, व्यवसाय के लिए नए कर्मचारियों को नियुक्त करना और कार्यबल के कौशल को बढ़ाना है, ताकि युवाओं की रोजगार क्षमता में बढ़ोतर लाई जा सके।
फायदे (Benefits)
- देश में 3.5 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- बेरोजगारी दर में कमी आएगी।
- रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी लाई जाएगी।
- इस योजना का लाभ कर्मचारी और कंपनी दोनों को प्रदान किया जाएगा।
- पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को ₹15,000 तक और कंपनियों को ₹3,000 प्रति कर्मचारी प्रति माह इंसेंटिव दिया जाएगा।
- DBT के जरिए योजना की प्रोत्साहन राशि को ट्रांसफर की जाएगी।
पात्रता-मानदंड (कर्मचारियों के लिए)
- देश के युवा नागरिक जो पहली बार नौकरी ज्वाइन कर रहे हैं, वे इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे।
- कर्मचारी का वेतन 1 लाख रुपये महीने से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
- EPFO से पहली बार जुड़ने वाले कर्मचारी ही इस स्कीम का फायदा ले सकते हैं।
- कर्मचारी को कम से कम 6 महीने तक नौकरी करना आवश्यक है।
- जिस कंपनी में आवेदक नौकरी कर रहा है उसे EPFO के तहत रजिस्टर्ड होना चाहिए।
कंपनी के लिए पात्रता
- ELI के तहत कंपनी को EPFO के तहत रजिस्टर्ड होना चाहिए।
- अगर 50 से कम कर्मचारी हैं तो कंपनी को कम से कम 2 नए कर्मचारी नियुक्त करने होंगे।
- यदि 50 से ज्यादा कर्मचारी हैं तो उन्हें कम से कम 5 नए कर्मचारी नियुक्त करने होंगे।
- इन कर्मचारियों का कम से कम 6 महीने तक कंपनी में काम करना चाहिए।
योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
- EPFO UAN Number
- आधार कार्ड
- कंपनी का ज्वाइनिंग लेटर
- बैंक अकाउंट पासबुक (आधार कार्ड से लिंक्ड)
कैसे करें ELI Scheme Registration?
रोजगार लिंक्ड प्रोत्साहन योजना (ELI) के लिए आपको अलग से ऑनलाइन आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। जैसे ही कर्मचारी EPFO में रजिर्स्टड होगा तो सरकार के पास उसका डाटा चला जाएगा, फिर उस आधार पर कर्मचारी या कंपनी को लाभ प्रदान किया जाएगा।
पैसा अकाउंट में कैसे आएगा
ELI योजना के तहत जैसे ही आपका EPF खाता खुलेगा, तब आप इस योजना के लिए पात्र होंगे। इसके लिए आपको अलग से कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार खुद आपके आधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में DBT के जरिए योजना की प्रोत्साहन राशि को ट्रांसफर करेगी।
कब से लागु होगी ईएलआई स्कीम
केंद्र सरकार द्वारा इस योजना को 1 अगस्त, 2025 से लागू किया जाएगा। सरकार के मुताबिक रोजगार के अवसर को बढ़ाने के लिए ELI योजना 1 अगस्त, 2025 से 31 जुलाई, 2027 के बीच ज्वाइन करने वाले कर्मचारियों पर लागू होगी।
इस योजना से जुड़े पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
आपसे इस तरह के प्रश्न पूछे जा सकते हैं –
ELI Scheme की फुल फॉर्म क्या है?
Employment Linked Incentive (ELI) जिसे हिन्दी मे रोजगार लिंक्ड प्रोत्साहन योजना के नाम से जाना जाता है।
इस योजना का फायदा किसे मिलेगा?
कम्पनियों और कर्मचारियों को ELI Scheme का लाभ मिलेगा।
रोजगार लिंक्ड प्रोत्साहन योजना कब से शुरू की जाएगी?
1 अगस्त, 2025 से लेकर 31 जुलाई, 2027 के बीच देश में शुरू की जाएगी।
योजना के तहत कितने लोगों को रोजगार मिलेगा?
2 साल में देश में 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियां पैदा की जाएंगी। जिसके तहत पार्ट A के अंतर्गत 1.92 करोड़ कर्मचारियों को नौकरी मिलेगी और पार्ट B के तहत करीब 2.60 करोड़ लोगों को नौकरी दिए जाने का अनुमान है।
ELI योजना का पैसा कैसे मिलेगा?
इस योजना के तहत 15,000 रुपये आवेदक को 2 किस्तों में दिए जाएंगे। पहली किस्त 6 महीने की नौकरी पूरी होने के बाद और दूसरी किस्त 12 महीने की नौकरी के बाद मिलेगी।
“इस लेख के जरिए आपको ये पता चल गया होगा कि ELI Scheme क्या है और इसके लिए आवेदन कैसे किया जाता है? अगर आपको भी इस योजना के लिए पंजीकरण करना है तो आप ऊपर बताए गए तरीकों को फॉलो करें।”
